Haryana Players in IPL : आईपीएल से डेब्यू करने वाले अंबाला के पहले क्रिकेटर कौन हैं?

हरियाणा के खिलाड़ियों ने हमेशा ही खेल की दुनिया में नाम कमाया है। फिर वह चाहे ओलंपिक्स हो या फिर कुश्ती की दुनिया। हर क्षेत्र में हरियाणा के खिलाड़ी लगातार नाम कमाते आए हैं इनमें हरियाणा की बेटियां भी पीछे नहीं है।
इस सब के बीच हाल ही में हरियाणा के अंबाला जिले के बी डी स्कूल के पास पंजाबी मोहल्ला में रहने वाले गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने आईपीएल में हरियाणा के नाम का डंका बजाया है। आईपीएल खेलने वाले अंबाला के पहले क्रिकेटर बने हैं। वैभव किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेल रहे हैं।

*कल के चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मैच से किया डेब्यु*

उन्होंने कल पंजाब के चेन्नई सुपर किंग्स के 7 मार्च से डेब्यू किया है। उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि पंजाब के कप्तान मयंक अग्रवाल ने उनसे 4 ओवर डलवाए। वैभव को मयंक अग्रवाल ने डेब्यू कैप भी पहनाई उन्हें आखिरी ओवर में बाजी करने का मौका भी दिया गया जिसमें वे 2 गेंद पर 1 रन बनाकर नाबाद रहे।

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*पापा को सुबह मैसेज किया- कि शायद आज खेलूं*

वैभव ने सुबह है अपने पापा को मैसेज करके यह सूचित किया था कि शायद आज खेलूं। वैभव के पिताजी गोपाल कृष्ण अरोड़ा दूध डेयरी में काम करते हैं। जैसे ही पता चला है कि आज वैभव डेब्यू करेगा परिवार में खुशी का माहौल था। के पास बधाइयां देने के लिए फोन सुबह से ही आने लगे थे। पूरा परिवार और टीवी के सामने बैठकर मैच देख रहा था।तीसरे ओवर में जैसे वैभव गेंदबाजी करने के लिए आए और उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के ओपनर उथप्पा को आउट कर दिया तो सभी लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।सब लोग तालियां बजाने लगे। शांत होकर बैठ पर बैठे ही थे कि तभी तीसरे ओवर में उनका अभाव में इंग्लैंड के एक खिलाड़ी को बोल्ड कर दिया।बीमार दादी भी खुशी के मारे झूमने लगी। मैच खत्म होने के बाद जैसे ही परिवार घर से बाहर निकला तो लोग मिठाइयां लेकर तैयार खड़े थे।

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*जब डेब्यू कैप मिली पिता काम में व्यस्त थे*

वैभव के पिताजी दूध डेयरी में काम करते हैं। जब वैभव को डेब्यू कब मिल रहे थे, तब वह भैंस का दूध निकाल रहे थे। कैप मिलने की खबर सुनते ही वह तुरंत वहां पर आए और खुशी के मारे झूम उठे।

*माता पिता ने कैसे उठाया कोचिंग का खर्चा*

हर एक सफल आदमी के पीछे उसके माता-पिता का बहुत बड़ा हाथ होता है माता पिता बहुत ही मेहनत करके अपने बच्चों को सफल बनाते हैं। ऐसा ही कुछ वैभव की जिंदगी में भी है। वैभव की माता ने कमेटी उठाकर उनके पिताजी ने निरंतर दूध बेचकर वैभव की कोचिंग का खर्च उठाया। गोपाल कृष्ण 30 साल से दूध का काम कर रहे हैं। आपका छोटा भाई नमन एसडी कॉलेज से एमकॉम की पढ़ाई कर रहा है।