टिकरी बॉर्डर बलात्कार : SIT की बड़ी कार्रवाई मुख्य आरोपी अनिल मलिक गिरफ्तार

Kisan Andolan | किसान आंदोलन के दौरान पश्चिम बंगाल की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. आपको बता दें कि एसआईटी ने मुख्य आरोपी अनिल मलिक को भिवानी से गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन अभी भी दो अन्य आरोपी अनूप चनौत और अंकुर सांगवान अभी भी फरार है. पुलिस ने अनिल वाले का इनाम भी रख रखा था. युवती से बलात्कार के मामले में 20 से अधिक किसान और किसान नेताओं से पूछताछ की जा रही है. ताकि मालूम हो सके क्योंकि पश्चिम बंगाल से किस आंदोलन में भाग लेने के लिए आई थी. बलात्कार के बाद कोरोना संक्रमण होने से युवती की मौत हो गई. पीड़ित युवती के पिता ने 2 महिलाओं सहित छह लोगों पर केस दर्ज करवाया है. आपको बता दें कि इस मामले के लिए एसआईटी गठित की गई थी.

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आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने गए थे, वहां से वापस लौटते समय आप नेता व दो युवतियों के साथ पश्चिम बंगाल की एक 24 वर्षीय युवती टिकरी बॉर्डर पर पहुंच गई थी. ट्रेन से वापस लौटते समय उसके साथ छेड़छाड़ हुई थी. लेकिन वह चुप रही तथा टिकरी बॉर्डर पर रहने के दौरान उसने एक वीडियो बनाकर अपने पिता को भेजा तो था उसने कहा था कि मेरे साथ गलत काम हुआ है.

किसान आंदोलन टिकरी बॉर्डर पर आई पश्चिम बंगाल की युवती के साथ बलात्कार के मामले में पुलिस ने किसान नेता योगेंद्र यादव से पूछताछ की. आपको बता दें कि पुलिस ने नोटिस भेजकर योगेंद्र यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था. इसी दौरान योगेंद्र ने कहा है कि मैं जांच के लिए पूरा सहयोग करूंगा, महिला के साथ बदसलूकी आंदोलन बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने आगे कहा है कि जांच के लिए आंदोलन के हर एक व्यक्ति का सहयोग मिलेगा. साथ ही उन्होंने कहा है कि मुझे छेड़छाड़ की जानकारी थी लेकिन पहले युवती का उपचार जरूरी था.

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योगेंद्र यादव ने कहा है कि युवती के साथ छेड़खानी से ज्यादा कुछ और हुआ है. का खुलासा तो 2 मई को हुआ है. पीड़ित युवती के पिता ने 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन 6 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है इसीलिए हमने सवाल उठाया था. योगेंद्र ने आगे कहा है कि आंदोलन को पहले भी बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी. इस मामले से भी आंदोलन को बदनाम किया जा रहा है. लेकिन आंदोलन सच के साथ है तथा आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए.

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