नई लैंग्वेज सीखें और अपने करियर में ऐसे बड़े आगे, यहां से करिए विदेशी भाषा में बेस्ट कोर्स और संवारे अपना भविष्य

Best foreign language courses: अपने देश की भाषाओं के साथ-साथ अगर आपकी विदेशी भाषा में भी कमांड हो तो आपके करियर के लिए एक प्लस पॉइंट होता है. विदेशी विदेशी भाषा की नॉलेज होना आपको भीड़ से अलग करता है और आपको करियर में नए आयामों को तलाशने के लिए भी मदद करता है. आपके सीवी(CV) में कोई विदेशी भाषा जुड़ जाए तो आपका सीवी औरों से कई गुना अलग दिखता है. ऐसे में किसी विदेशी भाषा को सीखना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. यहां हम आपको विदेशी भाषा के कोर्स करने के लिए बेस्ट इंस्टीट्यूट व कॉलेज के बारे में बताएंगे. साथ ही, आपको यह भी बताएंगे कि अगर आप विदेशी भाषा का कोर्स करते हैं या विदेशी भाषा को सीखते हैं तो इससे इसमें आपके लिए किस प्रकार के करियर ऑप्शन होंगे.

1.JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी):

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) में विदेशी भाषाओं में BA(Hons), MA और MPhil/PhD जा सकता है.
यहां छात्रों को 9 भाषाएं के विकल्प मिलेंगे-1.अरेबिक
2.चाइनीस
3.फ्रेंच
4.जर्मन
5.जापानी
6.कोरियन
7.पर्शियन
8.रशियन

2.BHU(बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी):

BHU(Banaras Hindu University) मैं आप विदेशी लैंग्वेज में ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा और पीएचडी कर सकते हैं. इसके साथ ही, यहां चाइनीस और रशियन भाषा में बीए ऑनर्स, एमए और पीएचडी का कोर्स कर सकते हैं.
यहां पर करीब 7 भाषाओं में डिप्लोमा कोर्स अवेलेबल है. ये भाषाएं हैं-
1.चाइनीस
2.रशियन
3.इटालियन
4.जैपनीज
5.स्पेनिश
6.सिंहली
7.पोलिश

3. जामिया मिलिया इस्लामिया:

जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) मैं बहुत सी भाषाओं में लैंग्वेज कोर्सेज कराए जाते हैं. अगर हम बात करें ग्रेजुएशन की तो छात्र बीए ऑनर्स फ्रेंच पर केस कोरियन आदि कर सकते हैं.
अगर आप डिप्लोमा करने के लिए इच्छुक हैं तो छात्रों के पास नीचे दी गई भाषाओं के विकल्प मौजूद हैं-
1.चाइनीस
2.कोरियन
3.उजबेक
4.टर्किश
5.फ्रेंच
यहां पर इन भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स भी कराए जाते हैं.

4.DU(दिल्ली यूनिवर्सिटी):

DU (Delhi University) मैं 6 भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स डिप्लोमा कोर्स और एडवांस डिप्लोमा कोर्स मौजूद हैं.
ये 6 भाषाएं हैं-
1.रशियन
2.क्रोएशियन
3.बल्गारिया
4.चेक
5.हंगेरियन
6.पॉलिश
रशियन लैंग्वेज में छात्र एमए,एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं.

जानिए विदेशी लैंग्वेज कोर्स करने के बाद क्या है करियर ऑप्शन?

1. ट्रांसलेटर(translator)-

ट्रांसलेटर का अर्थ होता है अनुवादक. यानी एक भाषा के कंटेंट को दूसरी भाषा में बदलने वाले लोग ट्रांसलेटर कहलाते हैं. विदेशी भाषा का कोर्स करने के बाद आप ट्रांसलेटर बन सकते हैं. ट्रांसलेटर की डिमांड प्राइवेट और सरकारी दोनों ही सेक्टर में काफी ज्यादा है.

2. इंटरप्रेटर (interpreter)-

इंटरप्रेटर का मुख्य रूप से यह काम होता है कि वे ऐसे दो लोगों को आपस में कनेक्ट करें जिन की भाषा अलग अलग है. जैसे कि आपने कभी 2 देशों के प्रधानमंत्री को बातचीत करते हुए देखा होगा उनके बीच में एक इंटरप्रेटर होता है. इंटरप्रेटर की डिमांड सार्वजनिक कार्यक्रमों में जैसे कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, कंपनी मिटिंग्स में, मीडिया हाउस में,पर्यटक केंद्रों और संगठनों आदि में काफी ज्यादा है.

3. कॉलेज में लेक्चरर(lecturer)-

अगर आपको किसी भाषा के अच्छे से नॉलेज होगी और आपने इसमें कोर्स भी किया हुआ हो तो आप किसी भी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर या लेक्चरर बनने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

4. दूतवास में नौकरी-

अगर आपको विदेशी भाषा की समझ है तो आप दूतवास में काम कर सकते हैं. यहां आपको सपोर्ट ऑफिसर, कस्टमर एग्जीक्यूटिव, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर और भी कई अनेक रूप में काम मिल सकता है.

5. अंतरराष्ट्रीय संगठन में नौकरी-

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को ऐसे लोगों की तलाश रहती है जो किसी भी देश ,किसी भी क्षेत्र, आदि में रहकर काम कर सके और उन्हें कई भाषाओं की जानकारी हो. ऐसे में अगर आपको विदेशी भाषाओं का ज्ञान हो तो आप WHO, UNESSCO, ILO, WTO,WWF आदि जैसी अंतरराष्ट्रीय संगठनों में काम कर सकते हैं.

6. टूर गाइड(tour guide)-

अगर आप टूरिज्म के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं और आपकी विदेशी भाषा में भी अच्छी पकड़ है तो इस फील्ड में आप काम कर सकते हैं. साथ ही आप मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म से इसका लाइसेंस ले सकते हैं और सरकारी लाइसेंस लेकर यह काम कर सकते हैं.