गुरुग्राम समाचार: गुरुग्राम में गुजरात पुलिस का इंस्पेक्टर गिरफ्तार, मामले को निपटाने के लिए मांगी 2 लाख की रिश्वत

गुरुग्राम समाचार: गुजरात पुलिस में तैनात एक इंस्पेक्टर को हरियाणा के स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की रोहतक टीम ने रविवार रात गुरुग्राम के सेक्टर-49 इलाके से 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. फर्जी डिग्री बनाने और पूरक आरोप पत्र नहीं बनाने के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के मामले को कमजोर करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। सोमवार को कोर्ट में पेश कर उसे रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक गुजरात पुलिस ने वहां एक महिला को यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पूछताछ में फरीदाबाद के अमर नगर निवासी अमरिंदर पुरी की भूमिका सामने आई। इस पर नर्मदा जिले का राजपीपला थाना पुलिस उसे फरीदाबाद से भगा ले गई. जांच के बाद 24 फरवरी को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। शिकायत है कि राजपीपला थाने के प्रभारी निरीक्षक जगदीश चौधरी ने अमरिंदर पुरी के मामले को कमजोर करने और पूरक आरोपपत्र अदालत को नहीं सौंपने पर तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी.

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डीएलएफ फेज-1 में रहने वाले संदीप पुरी ने इंस्पेक्टर से संपर्क कर एक लाख रुपये दिए। इसके बाद भी वह नहीं माने। फिर बाकी दो लाख रुपये गुरुग्राम में देने का फैसला किया गया. बातचीत तय करने के बाद संदीप पुरी ने हरियाणा के स्टेट विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत की।

शिकायत के सामने आते ही ब्यूरो के गुरुग्राम रेंज के डीआईजी बलवान सिंह राणा ने पूरी रणनीति तैयार की. इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए पकड़ने की जिम्मेदारी ब्यूरो की रोहतक टीम के प्रभारी डीएसपी सुमित कुमार को सौंपी गई है. बातचीत के अनुसार इंस्पेक्टर सेक्टर-49 क्षेत्र में संचालित एक गेस्ट हाउस में पहुंचा. रुपये लेते ही टीम ने उसे पकड़ लिया।

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बलवान सिंह राणा (डीआईजी, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, गुरुग्राम रेंज) का कहना है कि लोगों से अपील है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना दें. सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में रिश्वत लेने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। लोग सीधे मुझे सूचित भी कर सकते हैं।