शिक्षा के बुनियादी ढांचे तथा सुविधाओं में सुधार, हरियाणा को मिली ए+ श्रेणी

नई दिल्ली | हरियाणा ने पिछले कुछ सालों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे तथा सुविधाओं को ठीक किया है जिसके कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हरियाणा को ए प्लस श्रेणी दी है . राज्यों के प्रदर्शन का विश्लेषण 70 मानकों के आधार पर किया गया था. आपको बता दें कि यह विश्लेषण परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) ने किया है. यह ग्रेड पीजीआई में 2019-20 के लिए जारी किया है. दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, पांडिचेरी, दादर और नगर हवेली को परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स ने ए प्लस श्रेणी में रखा है. आपको बता दें कि पीजीआई पहली बार 2017-18 के साथ में प्रकाशित हुआ था. 2019-20 के लिए पीजीआई का यह तीसरा प्रकाशन है.

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सूचकांक के मुताबिक, ज्यादातर राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने पिछले वर्षों की तुलना में पीजीआई 2019-20 की रिपोर्ट में सुधार किया है. इसके साथ ही पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, केरल कथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह नहीं स्कूली शिक्षा क्षेत्र में उच्चतम ग्रेड ए++ (ए प्लस प्लस) ग्रेड प्राप्त किया है. शासन और प्रबंधन के लिए पंजाब में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं. बुनियादी ढांचे तथा सुविधाओं के मामलों में बिहार तथा मेघा लियाने सबसे कम स्कोर हासिल किया है.

परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) की रिपोर्ट में बताया गया है कि 13 ऐसे राज्य में केंद्र शासित प्रदेश है जिन्होंने बुनियादी ढांचे तथा सुविधाओं में 10% का सुधार दिखाया है. इसके साथ ही 19 राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश हैं ऐसे हैं, जिन्होंने शासन प्रक्रिया के क्षेत्र में 10% या इससे अधिक का सुधार दिखाया है. पश्चिम बंगाल, राजस्थान , पंजाब , आंध्र प्रदेश, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश कथा अंडमान और निकोबार दीप समूह ने कम से कम 20% का सुधार दिखाया है. हालांकि स्कूलों में शिक्षकों, प्रधानाचार्य के साथ-साथ प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी के साथ वित्त की भी कमी है.

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प्रदेश सरकार लगातार कर रही है सुधार : शिक्षामंत्री
हरियाणा प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है. ऐसा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की नीति “सबका साथ सबका विकास” के कारण हुआ है. आपको पता ही होगा की पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को लेकर कितने प्रयास कर रही है. स्कूलों के बुनियादी ढांचे तथा शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा रहा है. शिक्षा में सुधार लाने के लिए कुछ योजनाएं भी चलाई जा रही है. – कंवर पाल गुर्जर, शिक्षामंत्री हरियाणा

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