HBSE: 10वीं तथा 12वीं के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप के लिए देनी होगी परीक्षा, देखिए पूरी जानकारी

भिवानी |हरियाणा में इस बार 10वीं और 12वीं के छात्र छात्राओं को स्कॉलरशिप का मुनाफा नहीं मिल पाएगा. जिसका कारण यह है दसवीं और बारहवीं का परिणाम आंतरिक मूल्यांकन पर किया गया है. आपको पता होगा कि इस बार हरियाणा में कोई टॉपर को भी नहीं चुना गया. वहीं 12वीं का रिजल्ट भी आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा. टॉपर को भी छात्रवृत्ति का कोई लाभ नहीं मिलेगा. अगर छात्रों को छात्रवृत्ति चाहिए तो उसके लिए छात्रों को बोर्ड की परीक्षाएं देनी पड़ेगी.

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हरियाणा सरकार ने करोना की महामारी के चलते स्कूल व कॉलेजों को नहीं खोलने का निर्णय लिया है. जो विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में अव्वल नंबर प्राप्त करेगा उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाएगा. पहली से आठवीं तक के बच्चों को किताब खरीदने के लिए 200 से 300 रुपए दिए जाएंगे. करोना के चलते अभी स्कूल तो खुलेंगे नहीं बच्चों को अपनी ऑनलाइन क्लास ही जारी रखनी पड़ेगी. निजी स्कूलों में फीस वृद्धि के लिए फॉर्मूला जल्द बनेगा.

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हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक की और बताया कि दसवीं कक्षा का परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर जारी किया गया है. जिसमें कोई टॉपर नहीं है. 12वीं का परिणाम भी अभी घोषित होना है. उसे भी आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जाएगा. परिणाम में कोई टॉपर नहीं होने के कारण हरियाणा सरकार उन्हें छात्रवृत्ति नहीं देगी.

करोना के मामले सामान्य होने के बाद जो छात्र अपनी परीक्षा देने में सहमत हैं उनकी ये परीक्षाएं ली जाएगी तथा जो परीक्षा में अच्छा नंबर प्राप्त करेगा उन्हें छात्रवृत्ति दी जाएगी.

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फीस बढ़ाने वाले से स्कूलों पर होगी कार्रवाई:

उन्होंने बताया है कि कोरोना के कारण अभी अभिभावकों को डर है. सरकार स्कूल खोलने का जोखिम अभी नहीं उठा सकते हैं. निजी स्कूलों में करोना के चलते फीस बढ़ा दी है उन पर कार्रवाई होगी.

कई स्कूलों में फीस दुगनी कर दी गई है उनकी शिकायतें आ रही है. जिन पर उचित कार्रवाई की जाएगी. किताब खरीदने के लिए रुपए उनके खाते में भेजे जाएंगे. एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भी बच्चों को पुस्तके उपलब्ध कराए जाएंगे.

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