Haryana Updates: हरियाणा रोडवेज को चूना लगाने वाले whatsapp group का हुआ पर्दाफाश

खबर मिली है कि, हरियाणा रोडवेज के सिरसा बस डिपो में दो व्हाट्सएप ग्रुप जिसमें 500 से अधिक छात्र जुड़े हुए थे. उनमें फ्लाइंग की जानकारी दी जाती थी इसमें लगभग 28 बस कंडक्टर जो ग्रुप के एडमिन भी थे यही फ्लाइंग की जानकारी सभी को देते थे.

कैसे हुआ खुलासा ?

रोडवेज टीएम भरत सिंह परमार को आशंका हुई कीजिए बस डिपो कि नहीं और शहर के अंदर से जा रही हैं. इसके बाद पीएम ने बस का पीछा किया और तोशाम रोड वैश्य कॉलेज के पास को रुकवा कर जांच शुरू की. जांच करने के बाद पता चला कि यह बस डिपो कि नहीं बल्कि प्राइवेट बस है, जिसे रोडवेज बस की तरह रंगा गया था. और उस पर हरियाणा रोडवेज भी लिखा था.

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टीएम फ्लाइंग टीम ने क्या एक्शन लिया ?

जांच में पता चला कि ये बस परमिट की नहीं है और कोविड-19 के नियमों का भी उल्लंघन कर रही है. बस कंडक्टर जो व्हाट्सएप ग्रुप में जानकारी साझा करते थे. उनमें से 5 को सस्पेंड कर दिया गया. और 23 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जिसके द्वारा ग्रुप बनाया गया और जो एडमिन था उसे मौके पर ही सस्पेंड कर दिया गया. कोविड-19 में भाई-भाई के नाम से दोनों व्हाट्सएप ग्रुप चलाए जा रहे थे. इन ग्रुप में बस चेक करने वाली फ्लाइंग की लोकेशन शेयर की जाती थी.