Janta TV : कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए हरियाणा सरकार तैयार, देखिए पूरी जानकारी

चंडीगढ़|कोरोना की महामारी की तीसरी लहर के आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्तर पर बच्चों के लिए वार्ड बनाए हैं. इसके साथ ही अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है. हरियाणा के हर सीएससी केंद्र पर लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एक एंबुलेंस 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगी.

 

आपको बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी डीसी के साथ बैठक कर यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि हमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए. कोरोना संक्रमण के नए मरीजों की संख्या प्रदेश में कम हो गई है लेकिन हमें कोविड प्रोटोकॉल का पालन लगातार जारी रखना होगा.

See also  देसी क्वीन सपना चौधरी ने वीडियो बनाकर सुनाई अपनी दर्द से भरी कहानी ,कहा "कि जब उस वक्त को याद करती हूं तो" 

कोरोना की दूसरे लहर के दौरान जो कठिनाइयां सामने आई थीं मुख्यमंत्री ने डीसी के साथ इन पर चर्चा की तथा इनसे निपटने के लिए किस प्रकार के प्रबंध किए गए थे. तीसरी लहर की आशंका से सभी को सचेत रहने के लिए कहा गया है. उन्होंने साथ में यह भी कहा है कि सीएचसी सेंटर में अगर कमरे बनाने की आवश्यकता हो तो इसको भी जल्द पूरा किया जाए.

सीएचसी केंद्रों में बेड की संख्या भी बढ़ाई गई है. इसके लिए अलग से टीमों का गठन किया गया है, किन को अलर्ट किया गया है तथा यह फील्ड में सर्वे भी कर रहे हैं. आयुष वैलनेस सेंटर पर भी सुविधा बढ़ाई गई है, जिससे कम से कम लोग बीमार हो. इसके लिए योग आयुर्वेद के बजट की भी व्यवस्था की गई है.

See also  हरियाणा प्रदेश के लोगों को मिलेगा एयर कंडीशनर सस्ते में, देखें पूरी जानकारी

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि परिवार पहचान पत्र योजना सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना थी. जिसे केंद्र सरकार अन्य राज्यों में भी लागू करवा रही है.

निर्मोही होकर काम करें :
मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्त को कहा है कि वह अपने-अपने जिलों में टीम बनाकर काम करें. हमें निर्मोही होकर काम करने की जरूरत है. एक अकेला व्यक्ति अच्छा काम नहीं कर सकता. लेकिन एक टीम बहुत अच्छा काम कर सकती हैं.

निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक :
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के दौरान कहा है कि कुछ नहीं जी अस्पतालों में इलाज के लिए ज्यादा पैसे लेने की शिकायतें सामने आई है. निजी अस्पतालों को रैंडम ऑडिट किया जाए. निजी अस्पतालों को ज्यादा पैसे वसूलने से रोकने के लिए जिला स्तर पर कमेटी अभी बनाई गई है.

Leave a Reply