पिता चलाते हैं स्कूली वैन, बेटे ने किया UPSC में कमाल, जानिए सुमित कुमार ठाकुर के सफर की कहानी

सुमित कुमार ठाकुर, UPSC Result Ranker | अगर आप किसी चीज को शिद्दत से चाहें, तो पूरी कायनात आपको उसे मिलाने में लग जाती है. अगर हम कुछ बड़ा करने का ठान लें, तो हालात हमें रोक नहीं सकते. ऐसा सिद्ध कर दिखाया है सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर के रोड नंबर तीन निवासी सुमित कमार ठाकुर ने. जैसा कि आप सब जानते ही हैं कि आज यूपीएससी का रिजल्ट घोषित हुआ है.

सुमित कुमार ठाकुर ने यूपीएससी रिजल्ट में 263वा रैंक हासिल किया है. EWS कैटेगरी से होने के कारण सुमित को उम्मीद है कि उन्हें इसका लाभ मिलेगा व आईएएस संवर्ग मिलेगा. सुमित के पिता विजय कुमार ठाकुर स्कूली वैन चालक है. बमुश्किल से उन्हें 10-11 हजार रुपया महीना मिलता है. पहले इसी से उनका घर बार चलता था.

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सुमित ने पहली बार सन 2019 में यूपीएससी का एग्जाम दिया था. लेकिन उन्हें तीसरी बार में सफलता मिल पाई. वर्ष 2019 में उनका इंटरव्यू भी हुआ था लेकिन वे मात्र 3 नंबर से चूक गए थे. इसके बाद कोविड के कारण परीक्षा नहीं हो पाई. इसके बाद 2021 में इसके लिए फिर से तैयारी की और अंतत: इसमें वे कामयाब हो गए.

परिवार है बहुत खुश

सुमित कुमार ठाकुर की इस कामयाबी से परिवार में खुशी की लहर है. जो की होना लाजमी है. परिवार का कहना है कि सुमित शुरु से ही पढ़ने में ठीक था. वो काफी मेहनत भी करता था. उसकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज उसे इतनी बड़ी सफलता मिली है.

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दसवीं की पढ़ाई रामकृष्ण मिशन बिष्टुपुर से की

सुमित कुमार ठाकुर ने प्रारंभिक से लेकर दसवीं तक की शिक्षा रामकृष्ण मिशन बिष्टुपुर से की है. इसके बाद राजेंद्र विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई की है. मेन के आधार पर उन्हें बीआइटी सिंदरी धनबाद में दाखिला किया. वहां उन्होंने 2014-18 बैच में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लिया और अपना कोर्स पूरा किया. इस दौरान उन्होंने काफी नामी कम्पनियों के ऑफर भी ठुकराए.